Thursday, July 21, 2011

ब जब  दर्द का  बादल  छाया
जब ग़म का साया लहराया 
जब आंसू पलकों तक आया 
जब यह तनहा दिल घबराया |

हमने दिल को यह समझाया 
दिल आखिर तू क्यूँ रोता है 
दुनिया में यूँही होता है 
यह जो गहरा सन्नाटे है
वक़्त ने सबको ही बांटे हैं 
थोडा घूम है सबका किस्सा 
थोड़ी धुप है सबका हिस्सा 
आँख तेरी बेकार ही नम्म है
हर पल एक नया मौसम है 
क्यूँ तू ऐसे पल खोता है
दिल आखिर तू क्यूँ रोता है
||
- ज़िन्दगी न मिलेगी दोबारा.

1 comment:

  1. Just one of the many, that joined the movie together! :D Loved each one of em!

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